ग्वालियर। दुष्कर्म केवल एक शारीरिक आघात नहीं, बल्कि आत्मा पर ऐसा गहरा घाव है जो जीवनभर नहीं भरता। यह एक ऐसा अपराध है जो न केवल पीड़िता के शर...
ग्वालियर। दुष्कर्म केवल एक शारीरिक आघात नहीं, बल्कि आत्मा पर ऐसा गहरा घाव है जो जीवनभर नहीं भरता। यह एक ऐसा अपराध है जो न केवल पीड़िता के शरीर को क्षति पहुंचाता है, बल्कि उसके आत्मसम्मान, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नष्ट कर देता है। यह पीड़ा केवल कुछ पलों की नहीं होती, बल्कि समाज की विषैली सोच और न्यायिक प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण पीड़िता को बार-बार मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है। दुष्कर्म किसी एक महिला पर किया गया अपराध नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता पर एक अमानवीय आक्रमण है। इस भयावह अपराध के विरुद्ध हमें केवल कठोर कानून बनाने की आवश्यकता नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने और एक संवेदनशील वातावरण बनाने की भी जरूरत है। जहां हर महिला अपने अस्तित्व को सुरक्षित महसूस कर सके। यह बात जिला और सत्र न्यायालय के षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार ने एक 60 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषियों को सजा सुनाते हुए कही। चार वर्ष पहले एक पूड़ी बेलने वाली महिला से दो लोगों ने दुष्कर्म किया और उसे अधमरा छोड़कर चले गए। इस मामले में दो लोगों जनकगंज निवासी राजू उर्फ भरत और माधौगंज निवासी कालू उर्फ दिलीप को आरोपित बनाया गया। मामले की ट्रायल में महिला ने सिर्फ राजू पर दुष्कर्म का आरोप लगाया, कालू पर कोई आरोप नहीं लगाया। जिसके बाद पुलिस ने भी मामले में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी। जब अपर लोक अभियोजक मिनी शर्मा ने इस मामले में आवेदन लगाया और दोनों आरोपितों की डीएनए जांच की गई। जांच में दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो पुलिस ने दोबारा विवेचना करने के लिए कोर्ट से अनुमति ली और कालू को भी आरोपित बनाते हुए चालान पेश किया। इस मामले में चार साल ट्रायल चलने के बाद मंगलवार को आरोपितों को सजा सुनाई गई। मार्च 2021 में आपागंज निवासी 55 वर्षीय महिला पूड़ी बेलने का काम करती थी। उसे कल्लू हलवाई पूड़ी बेलने की कहकर गोकुलपुर लेकर जा रहा था। वह उसे गिरवाई थाना क्षेत्र के प्रिंस ढाबे के पास स्थित जंगल में ले गया और उसके साथ गलत काम करने का प्रयास किया। जब महिला ने उसका विरोध किया तो आरोपित ने उसके सिर पर पत्थर मारा और मारपीट कर उससे गलत काम किया। इस घिनौने अपराध में उसके साथ एक आरोपित राजू उर्फ भरत भी शामिल था। दोनों ने महिला से मारपीट की और उसे जान से मारने का प्रयास भी किया। उन्हें लगा मर गई जब उन्हें लगा महिला मर गई तो आरोपित वहां से भाग निकले। आरोपितों ने महिला के विरोध करने पर उसके हाथ और पेट में चाकू से भी वार किए। आरोपितों के भागने के बाद जब पीड़ित महिला होश में आई तो घिसटती-घिसटती जंगल से बाहर आई। वहां से निकलने वाले लोगों ने जब उसे देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार के लिए भर्ती कराया।
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